रेत के महल = Sand Castles …. 
हम सब इस दुनिया में एक ही ज़िन्दगी जी रहे हैं  सिर्फ रंग अलग हैं —
एक बार एक समुद्र के किनारे कुछ बच्चे रेत में खेल रहे थे | कोई गेंद से , कोई कुछ, तो कोई कुछ … और ज्यादातर बच्चे अपने अपने रेत के महल बना रहे थे | बाल्टी में ठसा ठस रेट भर कर – उसे रेतीले तट पर  उलट देते – और अपनी उँगलियों से महल के दरवाज़े खिड़कियाँ तराशने लगते| हर साइज़ के महल देखे जा सकते थे – और तरह तरह के नक़्शे – किसी महल में तरह तरह की कंगूरेदार खिड़कियाँ – तो किसीके महल में साधारण सी ….
बच्चों के एक ग्रुप ने आपस में शर्त लगाई थी – कि किसका महल सबसे शानदार बनता है – और बाकायदा घडी की सुइयों से उनका महल बनाने का टाइम पहले से ही बांधा गया था| समय पूरा होने से कुछ दस मिनट पूर्व वोर्निंग  बेल बजी – और फिर दस मिनट बाद समय समाप्ति की घंटी!! अब जज साहब (उनके माता पिताओं की ही एक टोली ) घूम घूम के सबके महल देखने लगे – पर जहां कुछ महल साधारण थे  (जिस बच्चे में ज्यादा रेत  उढेलने की या तो ताक़त न थी – या फिर इंटरेस्ट न था ) वहीँ बहुत से महल इतने शानदार थे कि किसीको भी दूसरे नम्बर पर रखना उसके रचनाकार का अपमान सा लगता| तो यह तय हुआ कि प्रथम पुरस्कार एक को न दे कर तीन बच्चों में बाँट दिया जाय – और द्वितीय पुरस्कार के तो खैर पांच विजेता थे!!! माता पिता तो यह निर्णय कर के अलग हो गए – परन्तु बच्चे तो फिर बच्चे हैं न – सामान रैंक वाले बच्चों में जंग छिड गयी – हर एक यही कहता … मेरा महल तुझसे अच्छा है -|
यही चलते शाम हो चली — और माता पिता के बुलाने पर बच्चे घर की ओर चले …..  महल वहीँ पड़े रह गए — अपनी सारी शानो शौकत को लिए – और जो बच्चे उन पर इतना लड़ झगड़ रहे थे- वे भूल ही गए उनके बारे में अपने असली घर पहुँच कर कौन रेत के पीछे छूटे घरों को याद करता -? कोई कॉमिक्स पढने लगा नहा धो कर – कोई टीवी देखने में मसरूफ हो गया – तो कोई कुछ देर पहले के दुश्मन के साथ कैरम खेलता नज़र आया ….
ओर यहाँ तट पर – जैसे ही  शाम हुई – लहरों की ऊंचाई बढ़ने लगी – ओर आखिर लहरें महलों को बहा ले गयीं !!!
यह तो बच्चों की बात हुई – पर हमारे बारे में क्या? क्या हम सब ही यहाँ अपने असली घर को छोड़ कर रेत के महलों में नहीं उलझे? मेरा महल उससे बड़ा हो – इसी कोशिश में परेशान? असली घर को लौट कर इन महलों को भूल ही जाना है – जो आज परम शत्रु है – वही असली घर में कैरम खेलने वाला भाई – यह जान लें – तो जीवन की अधिकाधिक परेशानियां सुलझ जाएँ…..
यह एक कहानी है – यहाँ क्यों कही? मेरे एक पाठक ने पूछा था – वोट इस मेंट बाय द टर्म रेत के महल ? – (यहाँ ज्यादातर लोग हिंदी नहीं समझते ) – पर अभी इस पोस्ट को इंग्लिश में ट्रांसलेट करना है – और यहाँ के पाठकों के लिए फिर से पोस्ट करना है ….
फिर मिलेंगे …….